गीतांजलि संगीत महाविद्यालय, कटनी में हारमोनियम की प्रैक्टिस को विशेष महत्व दिया जाता है। यहाँ शुरुआती छात्रों को स्वर, सा-रे-गा और अलंकारों से शुरुआत कराई जाती है। रोजाना क्लास में राग, बंदिश, ठुमरी और भजन की प्रैक्टिस कराई जाती है। अनुभवी गुरु हर छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देते हैं और उंगली की पोजीशन, रिदम और सुर ताल ठीक करने में मदद करते हैं। कॉलेज में अच्छे हारमोनियम और प्रैक्टिस रूम उपलब्ध हैं। गायन के साथ संगत करना भी सिखाया जाता है। नियमित अभ्यास और मंचीय प्रस्तुतियों से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे प्रोफेशनल संगतकार बनने के लिए तैयार होते हैं।